STORYMIRROR

🤩ऋचा lyrics

Abstract

3  

🤩ऋचा lyrics

Abstract

सखी

सखी

1 min
192

सुना नहीं आपने

या पहचाना नहीं?

मैं हूँ आपकी सहेली

हर महीने आती हूँ

मेरे वजह से आप लोग

दुखी हो जाते हो

माना कि में तुम्हे दर्द देती हूं

अरे,मैं ही तुम्हे माँ बनने का गर्व देती हूं।

आप सारी औरतें 

दिन रात काम करते हो

इसीलिए मैं आपको

हर महीने छुट्टी देती हूं।

फिर भी आपको मै क्यों पसंद नहीँ??



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract