Dr.R.N.SHEELA KUMAR
Romance
हो मेरी प्यारी
अभी अभी आई थी
आसमान से
कमल की नयनों वाली
फूलों के जैसे
खूब हो
तुम्हारी आधरों से
मिले मंद हास
ओ मेरी सखी
तू कहाँ हो
आसमान से गिरी हुई
बूँद के जैसे हो
तू कौन हो
देवता के जैसे
धिक्काती हो
हो मेरी प्यार
तुम कहाँ हो।
स्त्री का अस्...
सृष्टी का प्र...
नव वसंत
शिक्षक दिवस
फौजीयों
हरियाली
जो मिला वो भग...
नसीब
सब कुछ भगवान ...
मुझे पता था कि पापा का लेनदेन मासिक ही रहता था। मुझे पता था कि पापा का लेनदेन मासिक ही रहता था।
पेड़ो के नीचे मखमली दूब पर चलते रहे अँधेरों में आया सुनहरा सा ये बादल कौन है। पेड़ो के नीचे मखमली दूब पर चलते रहे अँधेरों में आया सुनहरा सा ये बादल कौन है।
यह आसमान से जमीन पर उतर रहा एक प्यार का सागर है यह प्रेम का आगमन है यह आसमान से जमीन पर उतर रहा एक प्यार का सागर है यह प्रेम का आगमन है
गुलशन में बहार खिलकर आई ऐसे गुलमोहर की सिंदूरी छाँव बिछी जैसे गुलशन में बहार खिलकर आई ऐसे गुलमोहर की सिंदूरी छाँव बिछी जैसे
चाँद को देखेंगे ओढ़े इश्क़ की चादर रात में बिखरेंगे चाँद को देखेंगे ओढ़े इश्क़ की चादर रात में बिखरेंगे
ख्वाहिश है तुम्हारी जिंदगी में अपनी एक अलग जगह बनाने की, ख्वाहिश है तुम्हारी जिंदगी में अपनी एक अलग जगह बनाने की,
ये प्यार, मोहब्बत, दिल की लगी, क्या बला थी हमने ना जाना। ये प्यार, मोहब्बत, दिल की लगी, क्या बला थी हमने ना जाना।
प्यार पर बस तो नहीं किसी का लेकिन फिर भी ख़ुद तबस्सुम से वो अपने जगा कुछ भी नहीं। प्यार पर बस तो नहीं किसी का लेकिन फिर भी ख़ुद तबस्सुम से वो अपने जगा कुछ भी नह...
भीग चुके हैं चाहे हम भी सर से पांव तक उनकी मुहब्बत में भीग चुके हैं चाहे हम भी सर से पांव तक उनकी मुहब्बत में
फूलों भरी डगर पे कभी साथ-साथ थे ज़ख़्मों पे जगह-जगह तूने शीशा चुभा दिया। फूलों भरी डगर पे कभी साथ-साथ थे ज़ख़्मों पे जगह-जगह तूने शीशा चुभा दिया।
आबाद कर दोगे दिल के गुलशन, उसकी महक से तब एक पुराने पौधे को, तुम पतझड़ के नाम करोगे आबाद कर दोगे दिल के गुलशन, उसकी महक से तब एक पुराने पौधे को, तुम पतझड़ के नाम...
मैं देवालय की देहरी का दीपक , तुम मन्दिर की देवी के सम हो। मैं देवालय की देहरी का दीपक , तुम मन्दिर की देवी के सम हो।
हमारी आंख से नींदे भी रूठ कर अब तो। चली गई है तुम्हें बात यह बतानी है। हमारी आंख से नींदे भी रूठ कर अब तो। चली गई है तुम्हें बात यह बतानी है।
हर लम्हा यहांँ पिघल रही मैं, जिसकी यादों में ढूंँढ रही मोहब्बत के निशां बीती मुलाकातों। हर लम्हा यहांँ पिघल रही मैं, जिसकी यादों में ढूंँढ रही मोहब्बत के निशां बीती ...
किस्मत की ही तो बात है तुम सा हमसफ़र जो हमने पाया किस्मत की ही तो बात है तुम सा हमसफ़र जो हमने पाया
इश्क़, वफ़ाएं, मोहब्बत ये पास नहीं उसके ऐसे थे प्यासे वो दरिया उन्हें दिखाया है। इश्क़, वफ़ाएं, मोहब्बत ये पास नहीं उसके ऐसे थे प्यासे वो दरिया उन्हें दिखाया है...
मेरे इस दिल के कुछ उजालों को तुमने जलती शमा में रक्खा है। मेरे इस दिल के कुछ उजालों को तुमने जलती शमा में रक्खा है।
जैसे कि धमाके की आवाज, जो हुई है अभी मेरे पड़ौस में। जैसे कि धमाके की आवाज, जो हुई है अभी मेरे पड़ौस में।
हैं सांसो की सरगम में धड़कन बनी रहे ये धुन प्यार की तुम यूँ ही गुनगुनाओगे। हैं सांसो की सरगम में धड़कन बनी रहे ये धुन प्यार की तुम यूँ ही गुनगुनाओगे।
दूरियाँ कम न हो सकी फिर भी हर इक पल, क़रीब होने का सुबूत दे रहा था... दूरियाँ कम न हो सकी फिर भी हर इक पल, क़रीब होने का सुबूत दे रहा था...