नज़र आएगी
नज़र आएगी
सोचा धो लूँ आँखों को एक बार
तब साफ नजर आएगी
आंखों ने बोला रो लो एक बार
सब साफ नजर आएगी ।।
कह दो पलकों को आड़े न आयें
सारे दर्द तेरे धूमिल हो जाये
हथेलियों में शामिल अश्क हों सारे
तब साफ नजर आएगी ।।
सागर किनारे फैली रेत के तरह
गीली लेकिन लगे सूखी की तरह
हटा ख़ामोशी की परत आहिस्ता
सब साफ नज़र आएगी ।।
दिखता जो कठोर बरफ के जैसे
रख हथेलियों में प्यार से ऐसे
बर्फ़ जब बूंदों में बदल जाएगा
तब साफ नज़र आएगी ।।
क्या क्या देखेंगी ये आँखें ही तो हैं
बयां क्या करलेंगी ये बातें ही तो हैं
ईमान और आईना साफ करके देख
सब साफ नजर आएगी ।।
