STORYMIRROR

Raj sharma

Abstract

2  

Raj sharma

Abstract

नवरात्रि

नवरात्रि

1 min
179

माता भवानी के पावन नवरात्रे।

मन में भक्ति की जोत जगा ले।।


किए थे सृजन इस दिन विधाता

झोलियाँ भर दे हे माँ शैलसुता।।


तरुवर सुवासित पुष्पों से श्रृंगार।

दूर करो माता मन का अंधकार।।


व्याधि जग की दूर कर भवानी।

दया करो हे भगवती माता रानी।।


करे मन से जो तेरा पावन पूजन ।

पाए सब कुछ जो करे तेरा अर्चन।।


जब-जब संकट आन पड़ा हो भारी।

तब-तब आई माँ भवानी शेरसवारी ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract