नन्हे कदम
नन्हे कदम
जब ईश्वर की मेहरबानी होती है
नन्हे कदमों की अगवानी होती है
हर चेहरे पर मुस्कुराहट सजती है
नन्ही सी जान सपनों में पलती है
नई आशा अंगड़ाई लेने लगती है
खुशी घर में दस्तक देने लगती हैं
गर्भ का तेज मुखड़े पर फैलता है
जिंदगी करवटें बदलने लगती है
मेहमानों के साथ खिलौने आते हैं
लोरी किलकारी दरबार सजाते हैं
उसका पहला रुदन सुनाई देता है
तो घरवालों के चेहरे खिल जाते हैं
घुटने चलता है तो पैंजनीं बजती हैं
एक मुस्कान पर दुनिया संवरती है
गोद में लेने के लिए बाहें मचलती हैं
मां बनकर ही कोई स्त्री पूर्ण बनती है।
