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Mukesh Chand

Abstract

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Mukesh Chand

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नही रोना मुझे हँसना सिखा दो

नही रोना मुझे हँसना सिखा दो

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नही रोना मुझे हँसना सीखा दो

जिने का नया सलिखा सीखा दो

ना तोडू किसी का दिल ऐशा रास्ता बता दो

हर किसी को खुश करू मंज़िल बता दो

नही रोना मुझे हँसना सिखा दो


नए मोड़ नये रिस्ते सबके बारे मे बता दो

जिंदगी के हर पहलु को समझा दो

नज़रो को झुकना कानो को सुनना

आँखो को सही देखना सीखा दो

नही रोना मुझे हँसना सीखा दो


हर वक्त का सही मतलब समझा दो

कब लड़ना हे कब हँसना है ये बता दो

अगर ना हो पाये तुमसे

फिर जो सजा दो

नही रोना मुझे हँसना सीखा दो।


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