नारी हृदय का रहस्य
नारी हृदय का रहस्य
नारी का हृदय, रहस्य है गूढ़तम
उसे जानने को, उठाएं न कदम
प्रेम के सहारे, वहाँ पर जा सकते
खोजबीन न करें, तो खुश रह सकते
हाँ पर हर बात, आपकी हो जाहिर
नारी आपको जानने में है पूरी माहिर
ये फर्क समझिए, पर मानिए बराबर
जग की ऐसी रीत चल रही चराचर
मैंने अनुभव से अपने रहस्य ये बतलाया
फिर न कहना, कि आपने हमें भरमाया
नारी के मन के द्वार की है ये चाभी
विश्वास नहीं तोड़ना है उसका कभी
उसके मन की बात को मत जानिए
बस आप खुलकर रहें ये समझिए
ज़्यादा वाद विवाद कभी ठीक नहीं
इसमें मानकर चलें, जीत सकते नहीं
गूढ़ मतलब समझिए, हार की जीत है
दोनों जावें हार सदा तो सच्ची प्रीत है।
