STORYMIRROR

Ankit Kumar

Inspirational Others

2  

Ankit Kumar

Inspirational Others

नारी ही नारी की दुश्मन

नारी ही नारी की दुश्मन

1 min
82

नारी ही बन बैठी दुश्मन अपनी ही प्रजाति की।

चूल्हा चौका और समर्पण बस रीत यही अपनाने की 

नारी ने ही तो नारी को बना दिया कमजोर है 

साथ अगर देती नारी तो वही नारी घनघोर है 

इस समाज ने तो नारी को समझ लिया खिलवाड़ है 

तभी बलात्कार होते सड़कों पर दिन ही दिनों अपार है 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational