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Awantika Bhatt

Abstract

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Awantika Bhatt

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मूक योद्धा

मूक योद्धा

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मेरे लिए वो खास थी,

हमने जो बंधन साझा किया है वह प्रत्यक्ष है;

उसके रेशमी लंबे बाल थे,

उसकी त्वचा इतनी निर्दोष और निष्पक्ष।


वो जगमगाती, आकर्षक आँखें,

हर समय बात की मात्रा;

शायद प्यार के नशे में,

जिसने मेरे जीवन को एक

सकारात्मक आश्चर्य से भर दिया।


हर बार उसने मेरा हाथ थाम लिया,

मेरी समस्याएं खत्म होती दिख रही थीं;

जैसे ही मैंने उसकी मुस्कान को प्रकट होते देखा,

मैंने देखा कि नकारात्मकता गायब हो जाती है।


हमारी अपनी भाषा थी, बोलने के लिए शब्द थे,

हर हफ्ते नए वाक्यांश और शब्द;

यह लिखते हुए, मैं आँसू के कगार पर हूँ,

मेरा दिल रोता है, तो मेरी आँखें भी !


बहुत सी बातें अधूरी रह गई,

कोई आश्चर्य नहीं कि मेरे अंदर मरा हुआ क्यों लगता है !

अपनी प्रगति में उसने जो भी कठिन कदम उठाया,

अपने सबसे निचले स्तर पर भी,

मुझे गर्व है कि उसने कोशिश की।


क्या भगवान ने नहीं देखा कि इससे कितना नुकसान होगा ?

जैसे ही मैं गलियारे से चलता हूं,

मैं अभिनय करने की कोशिश करता हूं,

मानो अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।


मेरी प्यारी बहुत जल्दी चली गई,

लेकिन मैं अभी भी वह मुस्कान पहनता हूं

जो उसने मुझे दी थी मानसून।


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