हरि शंकर गोयल "श्री हरि"
Comedy Romance Fantasy
तुम्हारी बांहों में सोने की तमन्ना पाले बैठे हैं
इस बेचैन दिल को मुश्किल से संभाले बैठे हैं
हुस्न वालों ने सब कुछ लूट लिया है सरेबाजार
क्या बतायें हम दिल का दीवाला निकाले बैठे हैं।
चिलमन
जादू की दुनिय...
कहानी तेरी मे...
भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि
ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की। ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की।
इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया । इन ग्रहों के चक्कर में हमारी शादी का चक्कर चल नहीं पाया ।
वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने में गुज़रेगी ; ईद---... वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने...
Baya Na Kar sakun uske bare mein , Kab hansta hai , kab rota Hai.. Uski Aankhen , uski baten ,... Baya Na Kar sakun uske bare mein , Kab hansta hai , kab rota Hai.. Uski Aa...
आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई। आज सुबह सुबह दो बहनों में लड़ाई हो गई कॉलोनी के बीच चौराहे पर हाथापाई हो गई।
आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली में खोसा. मैंने इन स... आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली ...
कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई। कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई।
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है बेशक मुझमें बदबू है, पर जो भी अपनाया उसे ये जिस्म भाया है
चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए। चाहते हो शान्ति सुख व निरोग काया योग सभी को कर बांए।
नेताजी की शेरवानी के बटन होल में नेताजी की शेरवानी के बटन होल में
तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बेरंग और निष्ठुर होना ... तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बे...
एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई होने का फर्ज ठीक से ... एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई ...
आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सांसों से ज्यादा जरूरत ... आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सां...
प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था, प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था,
निंद भी दो प्रकार की होती हैं। एक होती है सुबह की नींद और एक होती है शाम की नींद सुबह की नींद कहत... निंद भी दो प्रकार की होती हैं। एक होती है सुबह की नींद और एक होती है शाम की नी...
हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा। हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा।
कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओं और संलापों को अपने... कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओ...
साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते। साँच को आंच नहीं आती, और झूठ के पांव नहीं होते।