हरि शंकर गोयल "श्री हरि"
Comedy Romance Fantasy
तुम्हारी बांहों में सोने की तमन्ना पाले बैठे हैं
इस बेचैन दिल को मुश्किल से संभाले बैठे हैं
हुस्न वालों ने सब कुछ लूट लिया है सरेबाजार
क्या बतायें हम दिल का दीवाला निकाले बैठे हैं।
चिलमन
जादू की दुनिय...
कहानी तेरी मे...
नू बता दे ट्रांसफर देवता, तनै किस तरिया मनाऊँ ? नू बता दे ट्रांसफर देवता, तनै किस तरिया मनाऊँ ?
अरे, फुर्ती से भी फुर्तीले हम दोनों हैं मतवाले कहते सब यही। अरे, फुर्ती से भी फुर्तीले हम दोनों हैं मतवाले कहते सब यही।
ऐसे कुमति लोगों को, सुमति दो सर्वेश।। ऐसे कुमति लोगों को, सुमति दो सर्वेश।।
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । निष्ठुरता ने मानवता को, मार दिया खूनी ख़ंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । निष्ठुरता ने मानवता को, मार दि...
प्रिय क्यूं नित नए सूट सिलाती हो, पुरानी साड़ियों में तुम तो अप्सरा नजर आती हो। प्रिय क्यूं नित नए सूट सिलाती हो, पुरानी साड़ियों में तुम तो अप्सरा नजर आती ...
जो ना सामने वाले को परेशान करे। ना तुम को शर्मसार करे। जो ना सामने वाले को परेशान करे। ना तुम को शर्मसार करे।
अधिकारों की जो बात करी तो, डेटा ऑनलाइन होगा..... कि डेटा ऑनलाइन होगा..... अधिकारों की जो बात करी तो, डेटा ऑनलाइन होगा..... कि डेटा ऑनलाइन होगा.....
किसी तरह घर का खर्चा तो चले पिताजी की चिट्ठी कई किसी तरह घर का खर्चा तो चले पिताजी की चि...
औरतों को समझना नामुमकिन है वो कहती है मेरे पास मत आओ पर। औरतों को समझना नामुमकिन है वो कहती है मेरे पास मत आओ पर।
आज मोहल्ले में हलचल मची है। सब छैल छबीली लड़कियों के दिल मेँ आशा जगी है। आज मोहल्ले में हलचल मची है। सब छैल छबीली लड़कियों के दिल मेँ आशा जगी है।
अपनी व्यस्तता का बजाते थे जो पहले ढोल कितनी फिक्र है आपकी खुली उनकी पोल अपनी व्यस्तता का बजाते थे जो पहले ढोल कितनी फिक्र है आपकी खुली उनकी पोल
आँसू मेरे देख के बोली मेरी लुगाई क्या है यह ड्रामा मैं समझ न पाई. आँसू मेरे देख के बोली मेरी लुगाई क्या है यह ड्रामा मैं समझ न पाई.
अच्छी-अच्छी जड़ी बूटियां, जंगल से वह लाता। अच्छी-अच्छी जड़ी बूटियां, जंगल से वह लाता।
भटकाव है संस्कृति सभ्यता और संस्कारों से इंसान से नहीं बच रहा इंसान के प्रहारों से.. भटकाव है संस्कृति सभ्यता और संस्कारों से इंसान से नहीं बच रहा इंसान के प्रहार...
अब खिड़की पर बैठ कर, आंखें करती चार टच करने की कोशिशें, अब तो हो गयी हैं बेकार अब खिड़की पर बैठ कर, आंखें करती चार टच करने की कोशिशें, अब तो हो गयी हैं ब...
धर्म अनेक, ईश्वर तो एक है, नमन इन्हें। धर्म अनेक, ईश्वर तो एक है, नमन इन्हें।
कोरोना तुमसे नहीं डरते हम, हम में है तुमसे लड़ने का दम। कोरोना तुमसे नहीं डरते हम, हम में है तुमसे लड़ने का दम।
जय-जय बीड़ी भवानी, प्रबल धूम्रकारी। जय-जय बीड़ी भवानी, प्रबल धूम्रकारी।
विचार दोनों के अलग हो सकते मगर दिलों में तो आपस में मेल होना चाहिये। विचार दोनों के अलग हो सकते मगर दिलों में तो आपस में मेल होना चाहिये।
पड़े सामना सत्य से उनका, नौ दो ग्यारह वो जाए।। करके फौज। पड़े सामना सत्य से उनका, नौ दो ग्यारह वो जाए।। करके फौज।