हरि शंकर गोयल "श्री हरि"
Comedy Romance Fantasy
तुम्हारी बांहों में सोने की तमन्ना पाले बैठे हैं
इस बेचैन दिल को मुश्किल से संभाले बैठे हैं
हुस्न वालों ने सब कुछ लूट लिया है सरेबाजार
क्या बतायें हम दिल का दीवाला निकाले बैठे हैं।
चिलमन
जादू की दुनिय...
कहानी तेरी मे...
मेरी ग्रहस्ती की नैय्या का न कोई किनारा। जबसे हुयी है शादी, मैं बन गया बेचारा। मेरी ग्रहस्ती की नैय्या का न कोई किनारा। जबसे हुयी है शादी, मैं बन गया बेचा...
फाइल में काम ना कर पाता अफसर से डांट खाता पति फाइल में काम ना कर पाता अफसर से डांट खाता पति
तीन हड़िया तीन कैसी कैसी दो हड़िया तो फूटल फाटल तीन हड़िया तीन कैसी कैसी दो हड़िया तो फूटल फाटल
इंसानों की ऐसी हालत देख, लाल टमाटर हंँस-हंँसकर इतराए। इंसानों की ऐसी हालत देख, लाल टमाटर हंँस-हंँसकर इतराए।
और करेला नीम कडू सही खाकर करलो अपनी मीठी जुबान ! अंत करते हम यही कविता में करेला नीम का और करेला नीम कडू सही खाकर करलो अपनी मीठी जुबान ! अंत करते हम यही कविता में कर...
खिली खिली है मित्र आपकी जिसे सब कहते हैं 'नीरजा कमलिनी'। खिली खिली है मित्र आपकी जिसे सब कहते हैं 'नीरजा कमलिनी'।
ये बहुत लिखता है हमारे बारे में, उसे सबक सिखाते हैं,। ये बहुत लिखता है हमारे बारे में, उसे सबक सिखाते हैं,।
तब उसका रूप तो देखा ही दूजा। वह खाली नहीं थी भरी बैठी थी। तब उसका रूप तो देखा ही दूजा। वह खाली नहीं थी भरी बैठी थी।
आओ अब तो सबक ले, मिलक चलेंगे हम, मंजिल लगेगी पास तो, मिट जाएंगे सब गम।। आओ अब तो सबक ले, मिलक चलेंगे हम, मंजिल लगेगी पास तो, मिट जाएंगे सब गम।।
लंदन से मेरे लिए पेस्ट्री मंगवाएं, वह सिर्फ मेरा ही मेरा रह जाए। लंदन से मेरे लिए पेस्ट्री मंगवाएं, वह सिर्फ मेरा ही मेरा रह जाए।
लाइट गुल थी सब तरफ अंधेरे का था राज रक्त जम रहा था डर से ,धड़कनें भी थी नासाज़ लाइट गुल थी सब तरफ अंधेरे का था राज रक्त जम रहा था डर से ,धड़कनें भी थी नासा...
अब उसकी मर्जी, मैं तो एक मामुली मानव हूं।। अब उसकी मर्जी, मैं तो एक मामुली मानव हूं।।
इनकम टैक्स वह रहें चुकाते और भले भाड़ में वो जाएं। इनकम टैक्स वह रहें चुकाते और भले भाड़ में वो जाएं।
प्रत्यावर्तन संभव हो पाएगा...? ये निस्संदेह गौर करने वाली बात है। प्रत्यावर्तन संभव हो पाएगा...? ये निस्संदेह गौर करने वाली बात है।
उन्होंने भी दिखा दिया, अगर तरीका न बदला तो बरसात न मिलेगी दोबारा। उन्होंने भी दिखा दिया, अगर तरीका न बदला तो बरसात न मिलेगी दोबारा।
तो बिन पिए इस मौसम में, कैसे रहेंगे जिंदा यार। तो बिन पिए इस मौसम में, कैसे रहेंगे जिंदा यार।
लिख मैं भी एक किताब दूँ, चाँद सा ये मुखड़ा तेरा इजाजत हो तो निहार लूँ ? लिख मैं भी एक किताब दूँ, चाँद सा ये मुखड़ा तेरा इजाजत हो तो निहार लूँ ?
काली बरसात की एक रात में हम सब लोग बैठें थे साथ में। काली बरसात की एक रात में हम सब लोग बैठें थे साथ में।
रेल यात्रा का मजा ही कुछ और होता था, खास कर जब कोयला इंजन हुआ करता था। रेल यात्रा का मजा ही कुछ और होता था, खास कर जब कोयला इंजन हुआ करता था।
जो जिंदगी के सफर में दे जाएंगी मधुर यादें। जो जिंदगी के सफर में दे जाएंगी मधुर यादें।