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Payal Khatik

Action

3  

Payal Khatik

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मतलबी रिश्ते

मतलबी रिश्ते

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टिकता कौन हैं यहां हर वक्त किसी के लिए

दो पल का कारवां चलता है फ़िर कहता हैं,

मैं तेरे लिए नहीं अपने मतलब का सौदागर था

बेईमान रिश्तों के लिए के क्या लिखूं

दो लफ्ज ही काफ़ी है इन बेईमानों के लिए

वक्त का फेर फ़िर बदलता है 

अपकी बार सच्चा रिश्ता भी पतझड़ की तरह बिख़र

जाता है फ़िर तू लाख़ अर्जियां लगाए

पर दिल तो सबकुछ मान बैठा है

अपने मतलब के लिए तू खो अपना ईमान बैठा है ।


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