Aapki Kavyatri
Abstract
मुर्शद कभी मरने की
चाह नही की
पर क्या करे उसकी
अदाओं ने मार डाला।
मां
स्त्री
चाय
वाह
परी
Maa
दूरियां
साथ
समझता
बेटी
तुझे हम न समझ पाए राम । तुझे हम न समझ पाए राम ।
सुख समृद्धि शांति सब तुझसे मांँ, तेरे चरणों में हम तू ही सहारा।। सुख समृद्धि शांति सब तुझसे मांँ, तेरे चरणों में हम तू ही सहारा।।
प्रभु! बड़ी उम्मीद में आपके पास आया हूं मैंने कहा पहले पूरी बात तो बताइए। प्रभु! बड़ी उम्मीद में आपके पास आया हूं मैंने कहा पहले पूरी बात तो बताइए।
उन्नीस सौ चौहत्तर बड़ी कथा, दस जनवरी की सुनो व्यथा। उन्नीस सौ चौहत्तर बड़ी कथा, दस जनवरी की सुनो व्यथा।
उजाले अपने नाम कर लेना, भुला सको तो मुझे भुला देना। उजाले अपने नाम कर लेना, भुला सको तो मुझे भुला देना।
जादूटोना, टोटके, काला जादू और धार्मिक कर्मकांड, जादूटोना, टोटके, काला जादू और धार्मिक कर्मकांड,
पर तुम्हें पढ़ना ही नहीं समझना भी मुझे लगता है पहाड़। पर तुम्हें पढ़ना ही नहीं समझना भी मुझे लगता है पहाड़।
याद है तुम्हें जब पहली बार मिले थे हम दोनों, क्या मुलाकात थी हमारी याद है तुम्हें जब पहली बार मिले थे हम दोनों, क्या मुलाकात थी हमारी
विश्वकर्मा जी को ब्रह्मांड का पहला वास्तुकार और दिव्य इंजीनियर कहा जाता है, विश्वकर्मा जी को ब्रह्मांड का पहला वास्तुकार और दिव्य इंजीनियर कहा जाता है,
हे गणेश गणपति गजानन नमन मेरा स्वीकार करो। हे गणेश गणपति गजानन नमन मेरा स्वीकार करो।
तुम मुझे कुछ वादे दे दो, बदले में कुछ यादें ले लो, तुम मुझे कुछ वादे दे दो, बदले में कुछ यादें ले लो,
बन्धन सब हैं कच्चे जग झूठी माया राधे कृष्णा सच्चे बन्धन सब हैं कच्चे जग झूठी माया राधे कृष्णा सच्चे
अब तो हम आपको अपमानित उपेक्षित नहीं करते अब तो हम आपको अपमानित उपेक्षित नहीं करते
हाँ जल रहा हूँ मैं खुद को ही अब बदल रहा हूँ मैं... हाँ जल रहा हूँ मैं खुद को ही अब बदल रहा हूँ मैं...
जिद करके मांगे पूरी करवानी थी, बचपन की भी अजब कहानी थी। जिद करके मांगे पूरी करवानी थी, बचपन की भी अजब कहानी थी।
जानकी मंगल पार्वती मंगल दोहावली आदि ग्रंथ जानकी मंगल पार्वती मंगल दोहावली आदि ग्रंथ
मेरे सत पर प्रश्न खड़ा कर रहे , क्या खुद सत के नियमों को मानते हो ? मेरे सत पर प्रश्न खड़ा कर रहे , क्या खुद सत के नियमों को मानते हो ?
खींच केश खण्ड को झटक मही पे डाल दी, प्रकट हुए दो रुद्र अंश पर विध्वंस भार डाल दी खींच केश खण्ड को झटक मही पे डाल दी, प्रकट हुए दो रुद्र अंश पर विध्वंस भार डाल...
अब इतना भी बेचैन न हो जाया करो, अपना महत्व खुद ही न घटाया करो अब इतना भी बेचैन न हो जाया करो, अपना महत्व खुद ही न घटाया करो
तूफ़ानों से घिरा हो रस्ता, डर डर क़दम बढ़ाना क्या।। तूफ़ानों से घिरा हो रस्ता, डर डर क़दम बढ़ाना क्या।।