STORYMIRROR

Aapki Kavyatri

Others

3  

Aapki Kavyatri

Others

समझता

समझता

1 min
175

न बदला मैंने किसी को खुद ही बदल गयी

क्योंकि अब में सबको समझ गयी


कोई परवाह ही नहीं करे तो क्यों सोचना इतना

खुद की परवाह खुद ही कर लेना सही है


क्योंकि आपको कोई समझता ही नहीं

कोई समझता तो आप दुखी होते ही नहीं


आसान नहीं होता यार खुद को संभालना

बाहर सी जंग लड़नी पड़ती है


न बदला मैंने किसी को खुद ही बदल गयी

इसलिए मैंने खुद को ही बदल लिया



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Aapki Kavyatri

मां

मां

1 min पढ़ें

चाय

चाय

1 min पढ़ें

वाह

वाह

1 min पढ़ें

परी

परी

1 min पढ़ें

Maa

Maa

1 min पढ़ें

साथ

साथ

1 min पढ़ें

समझता

समझता

1 min पढ़ें

बेटी

बेटी

1 min पढ़ें