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Neena Ghai

Abstract

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Neena Ghai

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मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे

मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे

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मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे

ओ यशोदा के नन्दलाला

कैसी पीर दे देई मोकू

ओ राधा के सांवरिया 

ये जग अब लागे परायो सो

ओ मीरा के गिरधर गोपाला

मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे।


लोग कहयो वो कारो रंग वारो रे

वो का जाने मोकूं कारो रंग ही भायो रे

कैसे धीर धरूॅ अब बिन तोरे रे

तङपत तङपत मैने रैन बिताई रे

कौ जाने कैसे बिरह की अग्न में 

मोय अपने को जराई रे

मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे।


 मोये प्रेम भयो इस श्याम रंग ते,

मोकूॅ साँवरो रंग बहु भायो रे

मो जीवन नैया, तोये सौंप दई रे

अब तेरी नैया , तूँई खव्वया रे

तो बिन मेरो कोनू न सहारो रे

मोये प्रेम भयो रे साँवरे तोसे।


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