Mohni Shriwas
Children
मोर मेरा नाम रे, जंगले मेरा धाम रे,.
बदली मुझको अच्छी लगती।
भला न लगता घम रे,
मोर मेरा नाम रे, जंगले मेरा धाम रे।
रंग-बिरंगे पंख है मेरे, भले न मेरे पांव रे।
साफ-सफाई और स...
आओ भैया पेड़ ल...
जामुन
फल
गुब्बारे वाला
सब्जी
मोर
गुणकारी सब्जि...
सब्जी वाला
दीवाली
जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा, जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा,
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्षम्य मनुष फिर इक रोटी और दो बूंद पानी का दाम ये पैसा चुका ना पाएगा, फिर तिरस्कृत और अक्...
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हिन्दुस्तान। नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हि...
लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे। लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे।
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते। बिन मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते।
Like my peers, I may not be talented My progress may be slow Like my peers, I may not be talented My progress may be slow
माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा, माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा,
बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल। बुद्धिमान हैं छोटे लाल यह था उनका सबसे बड़ा कमाल।
गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।। गाँधी बापू का था यह सपना, बना ना सके जिसे अभी तक हम अपना।।।
जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है। जिंदगी के इस सफर में मैंने उससे सीखा है।
बच्चों देखो यह दुनिया कितनी रंगीन, बंधकर जीवन में मत करो इसे संगीन। बच्चों देखो यह दुनिया कितनी रंगीन, बंधकर जीवन में मत करो इसे संगीन।
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है। प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है।
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल। चलो ना ! ले चलते हैं अपने साथ प्यारा-सा ये बादल।
अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे ही तुम्हारे। सच ही ... अपना काम जो छोड़ा, तुमने किसी दूजे के सहारे। पूरा होना उसका मुश्किल है, बिना लगे...
कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत? कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत?