Kumar Ashish
Classics
सभी खुद को स्वयं रंग लो हुई बौछार होली में,
मिले सबको सफलताएँ न हो अब हार होली में।
मिटाकर नफरतें दिल से गले सबसे मिलो हँसकर,
मोहब्बत के ही रंग बरसें अब इस त्यौहार होली में।
मोहब्बत के ही...
कविता की राम-...
सच्चे प्यार क...
मगर मन में हैं कुछ सवाल जो तुमसे पूछ नही पाता हूँ मगर मन में हैं कुछ सवाल जो तुमसे पूछ नही पाता हूँ
संपूर्ण रामायण प्रमुख धार्मिक महाकाव्य है हमारा। संपूर्ण रामायण प्रमुख धार्मिक महाकाव्य है हमारा।
हठ मेरा वो सही गलत क्या इसका मुझको ज्ञान नहीं। हठ मेरा वो सही गलत क्या इसका मुझको ज्ञान नहीं।
श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे। श्री शुकदेव जी कहते हैं परीक्षित भगवान कृष्ण बैठे हुए थे।
जरासंध ने बीस हज़ार आठ सौ राजाओं को क़ैद किया भीतर क़िले के। जरासंध ने बीस हज़ार आठ सौ राजाओं को क़ैद किया भीतर क़िले के।
ठहर पाई नहीं कश्ती उस कयामत के सैलाब में थी दोनों की साँसे उफान पर और आँखें बंद हो गई नाग और चन्... ठहर पाई नहीं कश्ती उस कयामत के सैलाब में थी दोनों की साँसे उफान पर और आँखें बं...
इन्हें नहीं पता होता क्या होते खेल खिलौने निर्धन नहीं सजा पाते अपने सपने सलोने इन्हें नहीं पता होता क्या होते खेल खिलौने निर्धन नहीं सजा पाते अपने सपने सलो...
श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें। श्री कृष्ण का चिंतन करती रहें वाणी से लीलाओं का गान करें।
वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में। वही द्रोण नन्द हुए और धरा जन्मीं यशोदा के रूप में।
बहेलिया प्रसन्न है उसने अन्न के ऊपर जाल बिछा दिया है भूख की मारी चिड़िया उतरेगी ही। बहेलिया प्रसन्न है उसने अन्न के ऊपर जाल बिछा दिया है भूख की मारी चिड़िय...
तुम्हारी मिट्टी, मिट्टी में मिलने से पहले, अम्मा चंदन की खुशबू दे रही थी एक जीवन में कई जीवन को, चमे... तुम्हारी मिट्टी, मिट्टी में मिलने से पहले, अम्मा चंदन की खुशबू दे रही थी एक जीवन...
द्रोणपुत्र के पुरुषार्थ से हुआ तिरोहित खौफ निराशा। द्रोणपुत्र के पुरुषार्थ से हुआ तिरोहित खौफ निराशा।
भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ। भगवान कृष्ण ने कहा, उद्धव जो कुछ कहा तुमने मुझसे मैं वही करना चाहता हूँ।
कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल । कुरुक्षेत्र में दिव्यदृष्टि से, झाँक-झाँक तत्काल ।
तेजाब बनकर मेरे कलेजे में जवान होते हुई बेटी के सपनों को आकाश देने से लाचार बाप की हताशा को बयान... तेजाब बनकर मेरे कलेजे में जवान होते हुई बेटी के सपनों को आकाश देने से लाचार ...
प्रद्युमण ने तब कहा सारथी से अब मुझे तुम ले चलो द्युमान के पास फिर से। प्रद्युमण ने तब कहा सारथी से अब मुझे तुम ले चलो द्युमान के पास फिर से।
किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित। किया हर युग में, कितना अपमानित, कितने दुर्बल हो, हुआ यह प्रमाणित।
कृपाचार्य कृतवर्मा सहचर मुझको फिर क्या होता भय। कृपाचार्य कृतवर्मा सहचर मुझको फिर क्या होता भय।
सलाह जो दी है आपको कि पांडवों के राजसूय यज्ञ में उनकी सहायता के लिए सम्मिलित हों । सलाह जो दी है आपको कि पांडवों के राजसूय यज्ञ में उनकी सहायता के लिए सम्मिल...
मृत पड़ने पर गुरु द्रोण के कैसा महांधकार मचा था। मृत पड़ने पर गुरु द्रोण के कैसा महांधकार मचा था।