Kumar Ashish
Classics
सभी खुद को स्वयं रंग लो हुई बौछार होली में,
मिले सबको सफलताएँ न हो अब हार होली में।
मिटाकर नफरतें दिल से गले सबसे मिलो हँसकर,
मोहब्बत के ही रंग बरसें अब इस त्यौहार होली में।
मोहब्बत के ही...
कविता की राम-...
सच्चे प्यार क...
माता सीता ने दी निशानी वो अंगूठी थी रामदूत ने अपने प्रभु को सुनाई ऐसी कहानी थी चलो अब रावण राम क... माता सीता ने दी निशानी वो अंगूठी थी रामदूत ने अपने प्रभु को सुनाई ऐसी कहानी थी ...
जैसे मथुरा काशी वैसे खजुराहो मेरी थाती है जैसे मथुरा काशी वैसे खजुराहो मेरी थाती है
हवा को मैंने इस कविता में प्यार का मंदिर इसलिए कहा है कि हवा को हम कभी देख नहीं सकते या उसे किसी को ... हवा को मैंने इस कविता में प्यार का मंदिर इसलिए कहा है कि हवा को हम कभी देख नहीं ...
अगर यज्ञ करो इस कामना से भगवान पुत्र प्रदान करेंगे। अगर यज्ञ करो इस कामना से भगवान पुत्र प्रदान करेंगे।
तुम मेरी ओर से निश्चिंत रहो तुम मेरी ओर से निश्चिंत रहो
और कोरोना वायरस को हराने की लड़ाई का एक साथ आगाज़ करें एक साथ आगाज़ करें। और कोरोना वायरस को हराने की लड़ाई का एक साथ आगाज़ करें एक साथ आगाज़ करें...
भागवत धाम चले गए वो भक्ति का रस सबने पाया। भागवत धाम चले गए वो भक्ति का रस सबने पाया।
राम मनुष्य नहीं वो भगवान हैं नारद ने ये ज्ञान मुझको दिया। राम मनुष्य नहीं वो भगवान हैं नारद ने ये ज्ञान मुझको दिया।
शिल्पकार है नारी जग में सबकी भाग्यविधाता है। शिल्पकार है नारी जग में सबकी भाग्यविधाता है।
स्वामी का काम सिद्ध हो इससे इसलिए उन्होंने उसे बाँध लिया। स्वामी का काम सिद्ध हो इससे इसलिए उन्होंने उसे बाँध लिया।
इंद्र जब क्रुद्ध हुए बारिशों का दौर हुआ ऊँगली पर गावर्धन धरा घमंड इंद्र का चूर हुआ। इंद्र जब क्रुद्ध हुए बारिशों का दौर हुआ ऊँगली पर गावर्धन धरा घमंड इंद्...
फिर आपको आश्चर्य क्यों है आप जाकर ये उन्हें सुनाओ भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के दुःख इस फिर आपको आश्चर्य क्यों है आप जाकर ये उन्हें सुनाओ भक्ति, ज्ञान और वैराग्य ...
कुबेर जी ने प्रसन्न होकर फिर भगवान स्मृति प्रदान की उन्हें कुबेर जी ने प्रसन्न होकर फिर भगवान स्मृति प्रदान की उन्हें
ख़ुशियों की बौछार अब आई झाँसी में रानी हुईं विधवा ! काल को भी दया न आइ उदासी की लहरे अब झाँसी मे ... ख़ुशियों की बौछार अब आई झाँसी में रानी हुईं विधवा ! काल को भी दया न आइ उदासी ...
सुनी के भोला के बोली कौशल्या देखे हो चलली आवा आवा मदारी हो आवा हमरे हो भवनवा हम नचवाइ... सुनी के भोला के बोली कौशल्या देखे हो चलली आवा आवा मदारी हो आवा हमरे ह...
हैं बहुत याद आता है बचपन और याद आती है स्कूलों की छुट्टियां। हैं बहुत याद आता है बचपन और याद आती है स्कूलों की छुट्टियां।
जुड़े रहें इनसे सदा ये खुशियों की पोटली होती है। जुड़े रहें इनसे सदा ये खुशियों की पोटली होती है।
विष्णुभक्तों के ह्रदय में विराजो ना कलयुग का प्रभाव वहां। विष्णुभक्तों के ह्रदय में विराजो ना कलयुग का प्रभाव वहां।
मैत्रेय जी ने कहा विदुर जी से कि भृगु अदि ने जब ये देखा अंग के जाने के बाद पृथ्वी की रक्षा करे... मैत्रेय जी ने कहा विदुर जी से कि भृगु अदि ने जब ये देखा अंग के जाने के बाद प...
तुम्हें अपने भंडार के बीच अक्सर किसने नहीं देखा है ? जिन्होंने भी तुम्हें कहीं तुम्हें अपने भंडार के बीच अक्सर किसने नहीं देखा है ? जिन्होंने भी तुम्हें ...