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Reshma Majumder

Romance

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Reshma Majumder

Romance

मेरी ईबादत

मेरी ईबादत

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मेरी आँखों का नूर बन जा तू

मेरे संगीत का सुर बन जा तू


इन बेपनाह मुहब्बत की कसम तुझको

मेरी मुकद्दर का गुरुर बन जा तू


हर साँसों में लिख दूं बस तेरा नाम

मेरे ज़िन्दगी का सुरूर बन जा तू


तेरे होने से मैं खुद को रानी समझ लूँ

मेरे ताज का कोहिनूर बन जा तू


तू ही सफर मेरा मंज़िल भी तू ही

मेरे ज़हन में फितूर बन जा तू


तेरी खुशबु मुझे जीने का एहसास दिलाती

मेरे इश्क़ का गूढ़ बन जा तू


इस 'रेशमा' की ईबादत तो सुनले

मेरी आशिकी में मजबूर बन जा तू।



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