Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!
Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!

Rashmi Pathak

Drama Inspirational

3  

Rashmi Pathak

Drama Inspirational

मेरे बढ़ते कदम

मेरे बढ़ते कदम

1 min
15.3K


कुछ पाने की चाह में

मैं चल पड़ी उस राह में

अब मंज़िल को पाना हैं

सपनों को हकीकत बनाना हैं

अब खुद को ना ठुकराना हैं

अब खुद को आजमाना हैं

बहुत डर चुके हम

अब इस डर को भगाना हैं

आंधी तूफानों से अब हमें ना घबराना हैं

लहरों से लड़ कर हमें कश्ती तक जाना हैं

लोगों के तानो पर अब हमें मुस्कुराना हैं

की हुई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती

यह उनको बताना हैं

लड़किया किसी पर बोझ नहीं होतीं

आ गया ऐसा ज़माना है

देश की बेटी होने का

फर्ज़ अब मुझे निभाना है

मुझे देश को भ्रष्टाचार

गरीबी से मुक्त कराना है

आई हूँ इस दुनिया में तो

ज़रूर कुछ कर के जाना हैं

अपने देश का नाम रौशन कर

मुझे देश को तरक्की की राह पर लाना है...।










Rate this content
Log in

More hindi poem from Rashmi Pathak

Similar hindi poem from Drama