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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

मेरे अपने

मेरे अपने

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सहेज कर रखा है मैंने

मेरे अपने

रिश्तों की पोटली को

मेरे उसमें कुछ यादें भी है

दिल के एक कोने पर

निकाल कर उनको कुछ देर

प्यार से सहलाने के बाद।


रिश्तों को अपने प्रेम के

बंधन में बांध लेती हूं

मेरे अपने जो मुझसे बहुत दूर चले गए

मेरे दिल के बेहद करीब है

रिश्तों की पोटली कहीं बिखर ना जाए।


दिल की तिजोरी में संभाला है मैंने

ना देखे वो मेरे आंसू

ना देखे वो मेरे सामने खड़ी परेशानी

मेरे अपनों को दुख ना हो।


मेरे रिश्ते की पोटली

मेरे दिल के करीब

बहुत करीब रहे

मेरे अपने।


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