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Jyoti Mishra

Abstract

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Jyoti Mishra

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मेरा मन

मेरा मन

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उड़ना चाहता है, उस अनन्त आकाश में

जानना चाहता है इस सौंदर्यमयी संसार को

देखना चाहता है, इसके हर पल बदलते 

परिवेश को।।

मेरा मन ...........।

तोड़कर इस संसार की विभिन्न बंधन बाधाएं

छोड़ कर मोह, माया प्रेम की सीमाएं

भूलकर स्वयं के अस्तित्व को

पूरी करना चाहता है, अपनी समस्त आकांक्षाएं।।

मेरा मन.........।

जरा,व्याधि, दुःख, मरण से ऊपर

जीवन सौंदर्य में खोकर

पुनः जीना चाहता है इस स्वप्नमयी संसार में।।

मेरा मन...........।


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