Shaktivir Singh
Abstract Comedy Tragedy
खटखटाती नहीं दरवाज़ा
देती नहीं आवाज़
मौत हाय ! तू क्यों आती है
डर, तनाव और अकेलापन छोड़ जाती है
दबे पांव आती है
खामोशियाँ पसर जाती है
और फैल जाता है एक अकेला शून्य
मौत हाय ! तू क्यों आती है।
मौत
यादें
हर दिल में गर्व सम्मान का चमत्कार है हमारी लक्ष्मी का बेटा जिले सुबेदार है हर दिल में गर्व सम्मान का चमत्कार है हमारी लक्ष्मी का बेटा जिले सुबेदार है
आज उसी 'पिस्तौल' का वंदन करने का शुभ दिन है। आज उसी 'मर्दानी' का पूजन करने का शुभ दिन आज उसी 'पिस्तौल' का वंदन करने का शुभ दिन है। आज उसी 'मर्दानी' का पूजन करने का...
अपने से दूर रखने का इंतजाम करते जा रहे हैं। अपने से दूर रखने का इंतजाम करते जा रहे हैं।
बाईस नवंबर दो हजार चौबीस का दिन और आसीन हो जायेंगे अयोध्या के राजा राम। बाईस नवंबर दो हजार चौबीस का दिन और आसीन हो जायेंगे अयोध्या के राजा राम।
जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल जाएं जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल...
ईश्वर भी माँ माँ ईश्वर के रूपों की पहचान है । माता बड़ी महान है लोगों माता बड़ी महान ह ईश्वर भी माँ माँ ईश्वर के रूपों की पहचान है । माता बड़ी महान है लोगों माता बड...
एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं। एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं।
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
अगली पीढ़ी के लिए मौत का उपहार अपने ही हाथों से तैयार कर रहे हैं। अगली पीढ़ी के लिए मौत का उपहार अपने ही हाथों से तैयार कर रहे हैं।
गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा। गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा।
था ये कारगिल युद्ध जो भारतीय सेना ने, हिमालय की ऊंची चोटियों पर लड़ा था। था ये कारगिल युद्ध जो भारतीय सेना ने, हिमालय की ऊंची चोटियों पर लड़ा था।
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्रों में झांक सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्र...
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
अब तक अपने मन के भाव तुमने व्यक्त किए, अब मेरे भावों को समझना तुम अब तक अपने मन के भाव तुमने व्यक्त किए, अब मेरे भावों को समझना तुम
अप्राकृतिक खाद्य पदार्थों का लुप्त होते जाना स्वास्थ्य पर बीमारियों का पहरा अप्राकृतिक खाद्य पदार्थों का लुप्त होते जाना स्वास्थ्य पर बीमारियों का पहरा
छोटी सी नहर मे बहते पानी की शान्ति ने आज कहा मुझसे कि तेरा गाँव अब बदल रहा है छोटी सी नहर मे बहते पानी की शान्ति ने आज कहा मुझसे कि तेरा गाँव अब बदल र...
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।
माँ, तेरे आँचल का वो पहला एहसास याद है। माँ, तेरे आँचल का वो पहला एहसास याद है।