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AVINASH KUMAR

Inspirational

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AVINASH KUMAR

Inspirational

मौत सबको आनी है

मौत सबको आनी है

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मौत सबको आनी है कौन इससे छूटा है

तू फना नही होगा ये तेरा ख्याल झूठा है

सॉस टूटते ही सब रिश्ते टूट जायेंगें

चाचा मामा पापा मम्मी सब छूट जायेंगें


तेरे सारे रिश्ते वाले वक्त का चालान देंगें

छीन कर तेरी दौलत दो गज कफन देंगें

जिनको अपना कहता है कब ये तेरे साथी है

कब्र है तेरी मंजिल और ये सब बाराती है


लाके कब्र में तुझको बिना बिस्तर के डालेंगें

अपने हाथो से ही तेरे मुँह पर मिट्टी डालेंगें

तेरी सारी उल्फत को खाक में मिला देंगें

तेरे चाहने वाले कल तुझे भुला देंगें


इसलिए कहता हूँ खूब सोच ले दिल में

क्यो फँसाये बैठा है अवि जान अपनी मुश्किल में

कर गुनाहो से तौबा तू इंसान आके बात संभल जाए

जान का क्या भरोसा न जाने कब निकल जाए


मुट्ठी बंद करके आने वाले हाथ पसारे जायेगा

धन दौलत जागीर से बोल तू क्या पायेगा

चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा।


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