मैंने सती सा शिव से प्रेम किया है 🌼❤️
मैंने सती सा शिव से प्रेम किया है 🌼❤️
मैने शिव संग प्रेम में वियोग जिया है मैंने सती सा शिव से प्रेम किया है
मैंने महलों की रानी होके भी प्रेम में वैराग्य जिया है मैंने एक वैरागी को स्वयं को समर्पित किया है
मैने दक्षायिनी सा शिव संग अचल प्रेम किया है उनके अपमान में सती होके करके खुद को 51 खंडों में विभाजित समस्त सृष्टि के कल्याण को निहित किया है मैंने सती सा शिव से प्रेम किया है
महलों की रानी होके भी मैंने वैराग्य को समर्पण किया है मैंने स्वयंभू के चरणों में अपना संपूर्ण जीवन अर्पण किया है
ना जाने कितने वियोग सहे ना जाने कितना जन्म लिया है एक तुझे पति रूप में पाने की खातिर वर्षाें तक तप किया है
तप-तप के जब निखर गई तो स्वयं में शक्ति के रूप को जागृत किया है मैंने केवल सती नहीं बल्कि 108 रूपों में जन्म लिया है मैंने अचल प्रेम की शक्ति से पार्वती स्वरूप में प्रेम में शिव का वरण किया है
मैंने 56 भोग भी त्याग दिये मैंने वायु और जल को ग्रहण किया है शरीर तपा जब अग्नि में तब जाके कहीं शिब ने मेरा चयन किया है
मैने शिव संग प्रेम में वियोग जिया है मैंने सती सा शिव से प्रेम किया है
Snehdeepwrites 🌼❤️
@Author Snehlata
