Suman Meena
Inspirational
मैं सफ़ेद रंग हूं,निर्मलता का प्रतीक हूं,शुद्धता और शांति का संदेशक हूं,कपास की मलमल हूं,धर्म की नींव हूं,वैराग्य का प्रतीक हूं,पवित्रता और त्याग की पहचान हूं,नव जीवन, नई आशा हूं,सभी रंगों का मैं मिश्रण हूं।
मां
मैं काला रंग ...
मैं भूरा रंग ...
मैं सफ़ेद रंग...
नारंगी रंग
मैं बैंगनी रं...
मैं गुलाबी रं...
मैं पीला रंग ...
हरा रंग प्रकृ...
नीला रंग मुझे...
दिमाग की बातें,कठिन प्रश्न समाधान, दिल-दिमाग का संतुलन देता आराम। दिमाग की बातें,कठिन प्रश्न समाधान, दिल-दिमाग का संतुलन देता आराम।
सुख समृद्धि आरोग्य का जब हो जीवन में योग ! सुख समृद्धि आरोग्य का जब हो जीवन में योग !
बस दीए कि बाती बन रहता तू भी दिए सा बन संग जैसे दिए संग बाती। बस दीए कि बाती बन रहता तू भी दिए सा बन संग जैसे दिए संग बाती।
रिश्तों में मिठास रखने का हुनर दीवाली ने हमें सीखा दिया। रिश्तों में मिठास रखने का हुनर दीवाली ने हमें सीखा दिया।
सफलता खिंच के लाएगी तेरा अगला कदम। सफलता खिंच के लाएगी तेरा अगला कदम।
अभी दुनिया ने कहा देखा है इस रुआब को अभी दुनिया ने कहा देखा है इस रुआब को
चाहे अंधियारा हो या मुश्किल तेरी राह हो फिर भी तुझे चलना पड़ेगा, चाहे अंधियारा हो या मुश्किल तेरी राह हो फिर भी तुझे चलना पड़ेगा,
जो त्याग की राह दिखाता है ज्यों वह दीपक बन जाता है। जो त्याग की राह दिखाता है ज्यों वह दीपक बन जाता है।
सुबह सबेरे जल्दी उठकर चलना, बाग में जा के फूलो से बात करना। सुबह सबेरे जल्दी उठकर चलना, बाग में जा के फूलो से बात करना।
सदा ही दीप बनके तुम, जगत में ही जला करना ! सदा ही दीप बनके तुम, जगत में ही जला करना !
अगर नींव मजबूत रहा तो ही भविष्य उज्ज्वल रहेगा, अगर नींव मजबूत रहा तो ही भविष्य उज्ज्वल रहेगा,
पूरा शहर रंगोलियों और दीपक की लौ से जगमगाता है, पूरा शहर रंगोलियों और दीपक की लौ से जगमगाता है,
दीपों का हरेक हिस्सा हरे दिल और दिमाग का तम। दीपों का हरेक हिस्सा हरे दिल और दिमाग का तम।
खुशियां सिया-राम घर वापसी की मनाना तुम पर वनवास किसी और का न कराना तुम। खुशियां सिया-राम घर वापसी की मनाना तुम पर वनवास किसी और का न कराना तुम।
सपनो को हकीकत करती रंगत आयी दिवाली, जलते दिये, अंधियारों को मिटाने आयी दिवाली। सपनो को हकीकत करती रंगत आयी दिवाली, जलते दिये, अंधियारों को मिटाने आयी दिवाल...
इंसानियत की परिकाष्ठा समझा सकूं बस... ऐसा दीपक बना सकूं ! इंसानियत की परिकाष्ठा समझा सकूं बस... ऐसा दीपक बना सकूं !
झटपट करो काम समय से ज़िंदगी हसीन बनाओ तुम। झटपट करो काम समय से ज़िंदगी हसीन बनाओ तुम।
क्यों करते गोवर्धन पूजा, राज उन्हें बतलाना। क्यों करते गोवर्धन पूजा, राज उन्हें बतलाना।
मन के आँगन में नन्हा सा प्रेम का दीप जला लेना। मन के आँगन में नन्हा सा प्रेम का दीप जला लेना।
इस फर्राटा-सी फ़ालतू रेस में जिस दूध को कभी ढूँढा ही नहीं इस फर्राटा-सी फ़ालतू रेस में जिस दूध को कभी ढूँढा ही नहीं