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Uttirna Dhar

Inspirational

4.0  

Uttirna Dhar

Inspirational

मां

मां

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मां है एक अनन्य कलाकार,

निभाए सभी तरह के किरदार ।

बच्चों के लिए है प्रथम गुरु ,

शिक्षा की बुनियाद होती जहां से शुरू।

खेले साथ रहे ऐसे,

बचपन के अंतरंग दोस्त हो जैसे।

रसोई में जाए तो बने बावर्ची,

पकवान बनाते हर तरह की ।

कपड़ा फटे तो बन जाती दर्जी,

बगीचे को संभालती एक माली की भांति।

बर्तन मांजना कपड़े धोना पोछा लगाना इत्यादि ,

छोटे से छोटा काम मा तुरंत कर देती ।

लोड़ी भी सुनाए प्यार भी करे ,

हर परिस्थिति में परिवार के साथ रहे ।

पुजारी के समान घर में,

महकाती है पूजा-अर्चना से।

हम सब के लिए मां कितने ही यत्न करती सदा ,

मां को खुश रखना दायित्व है हमारा।



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