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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Inspirational

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मानव सिंह राणा 'सुओम'

Inspirational

माँ समान हिंदी

माँ समान हिंदी

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सुरम्यता और सतता की पहिचान हैं हिंदी।

भावों की संवाहक भाव प्रधान हैं हिंदी।

जन जन की संवेदनाओं को अंक में समेटे।

हमारे लिए तो हृदय से माँ समान हैं हिंदी।


एक- एक शब्द वीणा की झंकार जैसा है।

एक एक शब्द नदिया की फूंकार जैसा है।

विनम्रता और ओज का सम्मान हैं हिंदी।

हमारे लिए तो हृदय से माँ समान हैं हिंदी।...


हर शब्द कलरव करते पक्षी का मान जैसा है।

हर शब्द परियों के सौंदर्य की जान जैसा है।

सौंदर्य और प्रकृति का सच्चा मान हैं हिंदी।

हमारे लिए तो हृदय से माँ समान हैं हिंदी।...


हर शब्द नव चेतना और नव संचार जैसा है।

हर शब्द नव राग और नव व्यवहार जैसा है।

नवीनता लिए सृष्टि का सम्मान हैं हिंदी।

हमारे लिए तो हृदय से माँ समान हैं हिंदी।...


'सुओम' तुम विनम्र हो हिंदी का आभार है।

हिंदी में मिला जन्म ये ईश का उपकार है।

उपहार को व्यर्थ न कर, कर का मान हैं हिंदी।

हमारे लिए तो हृदय से माँ समान हैं हिंदी।...


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