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Shilpa Sekhar

Abstract

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Shilpa Sekhar

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मां का प्यार

मां का प्यार

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खून पसीने से है पैदा करती,

बच्चों के खातिर है दिन रात जगती,

फिर भी लाती है ढ़ेर सारा दुलार,

ऐसा होता है मां का प्यार।


क्यों रोज़ बच्चा ये सिर्फ वो समझे,

हर दिन हर पल उसके लिए वो सोचे,

जब भी बन पड़े लाए उपहार,

ऐसा होता है मां का प्यार।


पढ़ाई लिखाई पे ध्यान दें,

पोषण पर भी नजर रखे,

बनाए सब के लिए पौष्टिक आहार,

ऐसा होता है मां का प्यार।


बच्चे कितने भी बड़े क्यों न हो,

उनके लिए परेशान रहें वो,

चुप चाप सहे उनके लिए सब का वार,

ऐसा होता है मां का प्यार।


मां होती है भगवान का आशीर्वाद,

सबसे करूंगी मैं बस ये फरियाद,

कभी ना दिखाए मां को द्वार,

क्यों के सिर्फ किस्मत वालों को

मिलता है मां का प्यार।


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