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Manish Mehta

Abstract Inspirational

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Manish Mehta

Abstract Inspirational

माफ़ी मैं नहीं मांगूंगा

माफ़ी मैं नहीं मांगूंगा

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मेरी गलती बस यही है,

काली रात को चमकती भोर नहीं लिखा,


चोर को चोर लिखा, तोता, शेर या मोर नहीं लिखा,

जीवन संघर्ष को आधुनिकता का दौर नहीं लिखा,


कठोर को कठोर लिखा, गुणवान या आत्मविभोर नहीं लिखा,

लालच और लोभ को प्रगति की डोर नहीं लिखा,


वंचित को वंचित लिखा, नाकाबिल या कमज़ोर नहीं लिखा,

तेरी नज़र में गलती सही माफ़ी पर मैं नहीं मांगूंगा।


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