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Preeti Agrawal

Abstract

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Preeti Agrawal

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लकीरें

लकीरें

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हां ये लकीरें हैं

कुछ अनुभव की

कुछ ठहराव की

कुछ परिपक्वता की

कुछ बालों में आई चांदी की


कुछ बीते बचपन की

कुछ भूली हुई बातों की

कुछ खोयी हुई यादों की

कुछ बिछङे अपनेपन की

कुछ हसीन लम्हों की

कुछ खास अहसासों की


हां! ये लकीरें हैं


उम्र के इस नये दौर की

मुझमें एक नये अहसास की

कुछ नई चाहतों की

कुछ कर गुजरने के विश्वास की


कुछ नई मंजिलों की

कुछ नई उम्मीदों की

कुछ नये पङावों की


हां! ये लकीरें हैं

अब तक जिंदगी के

मेरे सुनहरे सफ़र की



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