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Rose Nazir

Romance Classics

4.3  

Rose Nazir

Romance Classics

क्या है एक तरफा इश्क़ ?

क्या है एक तरफा इश्क़ ?

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क्या है एक तरफा इश्क?


जहां एक लफ्ज़ बोलने में उम्र गुजर जाए 

वहां कहने के लिए लफ्जों का समंदर है 

सारी दुनिया में खुद को अकेला पाए 

या हमारी सारी दुनिया उनके अंदर है 


उन्होंने कहां उन्हें गुलाब है पसंद 

न जाने हमे क्यों हुई जलन 

वैसे तो हमे पसंद है गुलाब 

फिर भी दिया बगीचा उजाड़ 


हमे कहना है पर लफ्जों से नहीं 

उन्हें देखना है पर आंखों से नहीं 

दिल की एक आवाज होती है 

निगाहें तो मन की भी होती है 


वो ज़ालिम है  , लेकिन सिर्फ हमारे 

वो कातिल है , लेकिन फिर भी हमारे 

वो बे दर्द है , फिर भी हमारे 

वो बे हद है , सिर्फ हमारे 


वो  अंजान है पर गैर नहीं 

 दिल शांत है पर खैर नहीं 

वो मुझमें कोई दिलकश किस्सा 

उनमें खोया है मेरा कोई हिस्सा 


वो ठहरा हुआ औंस की बूंद 

में  आंखों में झोंकती धूल 

मेल न यहां है और न वहां 

 फिर भी  है वो मेरे दोनों जहां 


यही है एक तरफा इश्क ! 











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