Sudhirkumarpannalal Pratibha
Abstract Inspirational Thriller
कुछ
रिश्ते
ऐसे
ही
होते
है
बस
यूं
साथ
चलते
रहते
हैं
काम
कभी
न
आए
ये
सिर्फ
ढोने
पड़ते
धर्म
निभाते
कर्म
प्रेम
सही मायने में...
प्रेम और नफरत
प्रेम को परिभ...
नजरिया
कहानी की परिभ...
गौरव ताज हमारा सबका सम्मान है। गौरव ताज हमारा सबका सम्मान है।
क्यों अपनी इच्छा को मारूं वो पुरानी कार को बेच न्यू कार ले आया क्यों अपनी इच्छा को मारूं वो पुरानी कार को बेच न्यू कार ले आया
श्रुति-सुधा वितरण कारी भारी सहलाए दिल की छोर।। श्रुति-सुधा वितरण कारी भारी सहलाए दिल की छोर।।
इन्द्र के घमंड के प्रहार में, कंस मामा के संहार में, इन्द्र के घमंड के प्रहार में, कंस मामा के संहार में,
संवाद की भाषा है। हिंदी का साथ। संवाद की भाषा है। हिंदी का साथ।
यौवन का रंग चढ़ा, गाड़ी तेज भगायी शादी के बाद घर की जिम्मेदारी आयी यौवन का रंग चढ़ा, गाड़ी तेज भगायी शादी के बाद घर की जिम्मेदारी आयी
भ्रम को पाले बैठे हो, गए हो मन से हार भ्रम को पाले बैठे हो, गए हो मन से हार
मैं चाहता हूँ! उनको यह कह न पाता था, लेकिन वो बिना कुछ कहे भी जानते थे । मैं चाहता हूँ! उनको यह कह न पाता था, लेकिन वो बिना कुछ कहे भी जानते थे ।
तुमसे अच्छा कौन जहां में, जिसको लें हम अपना मान। तुमसे अच्छा कौन जहां में, जिसको लें हम अपना मान।
जिंदगी के किसी हिस्से में आपका अधिकार नहीं है जिंदगी के किसी हिस्से में आपका अधिकार नहीं है
जब भी बाजारों में घूमो सभी जगह पाओगी हिंदी। जब भी बाजारों में घूमो सभी जगह पाओगी हिंदी।
बच्चों की खातिर ही जीती हर तकलीफ़ सह जाती है, बच्चों की खातिर ही जीती हर तकलीफ़ सह जाती है,
एक गुजारिश आप सबसे है शायद आपके लिए मुश्किल भी है। एक गुजारिश आप सबसे है शायद आपके लिए मुश्किल भी है।
वेदांत योग साधना का मतलब दुनिया को समझा दिया। वेदांत योग साधना का मतलब दुनिया को समझा दिया।
बहुत धुंधली नहीं फिर भी आसमां धुंध के ठीक पीछे रोशनी की कारवाँ बहुत धुंधली नहीं फिर भी आसमां धुंध के ठीक पीछे रोशनी की कारवाँ
कुछ सीख लो हमसे भी ऐ अमीर लोगों। जीते हैं बदहाली में हम, लेकिन मस्त हैं। कुछ सीख लो हमसे भी ऐ अमीर लोगों। जीते हैं बदहाली में हम, लेकिन मस्त हैं।
नदियों को जहां देवी माना पत्थर है जहां पूजे जाते नदियों को जहां देवी माना पत्थर है जहां पूजे जाते
बनाने हिंदी को राष्ट्रभाषा, हिंदुस्तानी हो रहे अधीर। बनाने हिंदी को राष्ट्रभाषा, हिंदुस्तानी हो रहे अधीर।
मन की खुशी वस्तु नहीं अनुभूति है ये अनुभूति ही हमें खुशियाँ देती हैं। मन की खुशी वस्तु नहीं अनुभूति है ये अनुभूति ही हमें खुशियाँ देती हैं।
सर्व मंगल की कल्पना। सर्व मंगल का भाव। सर्व मंगल की कल्पना। सर्व मंगल का भाव।