STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

मन की खुशी

मन की खुशी

1 min
357


मन की खुशी वस्तु नहीं अनुभूति है

ये अनुभूति ही हमें खुशियाँ देती हैं

हमारे मन को खुशी का आभास कराती हैं

खुशी हमारी सोच हमारे विचारों पर निर्भर करती है

हमें एक एक खुशी को सहेजना पड़ता है

तब हमारा मन भी खुश रहता है।

हमारा मन खुश रहे इसका कोई फार्मूला नहीं है

हमें छोटी छोटी बातों, चीजों, पलों में

खुशियाँ खुद खोजना पड़ता है

खुद के साथ मन को खुश रखने के बहाने

हर समय ढूंढ़ना पड़ता है,

मन को खुश रखने के लिए 

हमें स्वयं भी खुश रहना पड़ता है,

दुख दर्द में खुश रहने की आदत डालना पड़ता है

तभी हमारा मन भी खुश रहता है। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract