STORYMIRROR

Namrata Mangrule

Abstract

4  

Namrata Mangrule

Abstract

कुछ लफ्ज़

कुछ लफ्ज़

1 min
291

कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो दिल को सुकून दे

कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो दिल खुश कर दे


कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो दुरिया बनाये

कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो बहोत कुछ सिखा दे


कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो किसीका दिन बना दे

कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो किसीका दिन बिगाड़ दे


कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो किसी की जिंदगी बना दे

कुछ लफ्ज़ ऐसे

जो बिना बोले बहुत कुछ बोल दे

बस... कुछ ही लफ्ज़

जो जीने का हौसला बढ़ाये

बस... कुछ ही लफ्ज़


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Namrata Mangrule

Similar hindi poem from Abstract