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Rekha Shukla

Abstract

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Rekha Shukla

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करलो अब तो सगाई !!

करलो अब तो सगाई !!

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हवा के झोंको ने पन्ने से दी आशीषें

बादल ने बूँद भी बरसा दी

भीगी भागी लड़की लगी सामने आई

जाग जा सपना है भैया बहेन ने भगाई

दादीजी  लड़की लेके पीछे पड़ेगी फिर चुप हो जायेगी

मम्मा हंसते हंसते रोने लगेगी फिर वो खो जायेगी

पुत्तर पुत्तर जिंदा रहियो और जी भर सतैयो

मान लो कुदरतका कहना करलो अब तो भैया सगाई!


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