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VIPIN KUMAR TYAGI

Tragedy

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VIPIN KUMAR TYAGI

Tragedy

कोरोना को हराना है

कोरोना को हराना है

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सोचता हूं कि एक अदृश्य कोरोना वायरस

तूने कितना कोहराम मचाया है

इस विशाल दुनिया को लॉक डाउन करने को

मजबूर किया है,

जिस दुनिया के लोग चाँद पर

कॉलोनी बनाने को थे तत्पर,उ

न्हें भी तूने घर में रहने को मजबूर किया है,


जो मंगल तक की यात्रा को आसान बना चुके थे

उन्हें भी तूने एकांतवास का रास्ता दिखाया है,

सोचता हूं एक छोटा सा अदृश्य कोरोना वायरस

तूने कितना कोहराम मचाया है

इस विशाल दुनिया को लॉक डाउन करने को

मजबूर किया है,


एक समय विश्व पर राज करने वाले ब्रिटेन के

प्रधानमंत्री को भी तूने गर्सित कर घर में रहने को

मजबूर किया है,

ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स को भी तूने एकांतवास का

रास्ता दिखाया है,

सोचता हूं कि एक छोटा सा अदृश्य कोरोना वायरस

तूने कितना कोहराम मचाया है

इस विशाल दुनिया को लॉक डाउन करने को

मजबूर किया है,


जो आज तक थे महाशक्ति, जिनके पास था

हर समस्या का समाधान,

उन्हें भी तूने घर में रहने को मजबूर किया है,

जो देते थे बात बात में बर्बाद करने की धमकी,

परिणाम भुगतने की चेतावनी,

उन्हें भी मजबूर होने का एहसास कराया है,

सोचता हूं एक छोटा सा अदृश्य कोरोना वायरस

तूने कितना कोहराम मचाया है

इस विशाल दुनिया को लॉक डाउन करने को

मजबूर किया है,


इस अदृश्य कोरोना वायरस का आज कोई

इलाज नहीं है, इस बात का दुनिया को

एहसास कराया है,

इस दुनिया को ईश्वर की सत्ता के सामने

नतमस्तक किया है

लेकिन हमने भी ठाना है कोरोना तुझे अब हराना है,

इसलिए अब इक्कीस दिन का लॉक डाउन कराया है



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