STORYMIRROR

Raj Srivastva

Comedy Drama

3  

Raj Srivastva

Comedy Drama

कोरोना काल औेर ससुराल

कोरोना काल औेर ससुराल

2 mins
538

कोरोना काल में जब पहुंच गया ससुराल !

बहुत ही अजीब सा था वहां का हाल !!

घर की घंटी बजाते ही सास दौड़ी आई !

देख जमाई को आज, मजबूरी मे मुसकाई !!

बोली थोड़ी देर गेट पर आप ठहर जाओ !

वाश बेसिन पर सैनिटाइजर से हाथ धो आओ !!

पढ़े लिखे हो चेहरे पर मास्क नहीं लगाया ?

घर पर ही रहना था किसी ने नहीं समझाया ??


खैर आ ही गए हो तो दरवाज़े पर जूते दो उतार !

पैर धोकर आ जाओ चाय रखी है तैयार !!

मन मे उठा क्रोध पर कुछ कह नहीं पाया !

लगा जैसे जमाई नहीं, कोई राक्षस ससुराल आया !!

इज़्ज़त तो सारी आज कोरोना ने हर ली !

बाकी की कसर सासू माँ ने पूरी कर ली !!


फिर बेआबरू हो कदम साली की ओर बढ़ाया !

वहां से भी नकारात्मक सा उत्तर आया !!

वो बोली सामाजिक दूरी को समझ नहीं पाये ?

हमारे इतनी पास क्यूँ जीजाजी चले आऐ ??

दूर से ही करती हूँ आज आपको नमस्ते !

छोटे साले ने भी दूर से हाथ हिलाया, हंसते हंसते !! 

फिर ससुर जी की मधुर आवाज़ दी सुनाई !

कवारंटाइन करना रे, बाहर से आया है जमाई !!


चाय हाथ में थी, पर नहीं जा रही थी गटकी !

चाय खत्म होते ही, लगाना चाह रहा था घुड़की !!

जो काम सरकार लोकडाउन में नहीं कर पाई !

ससुराल वालों ने एक ही दिन में थी समझाई!

विनती करता हूं तुमसे इन हालात में

ससुराल मत चले जाना मेरे भाई!

सभी ससुराल प्रेमियों को समर्पित


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy