कम बोलती हूँ
कम बोलती हूँ
हर समय हँसना, चहकना ,
अब मेरी आदत नही है
सोचती हूँ तौलती हूँ बात,
फिर मुँह खोलती हूँ......
कौन जाने रूठ जाये कोई
मेरी बात सुनकर।
कौन जाने मेरा प्रिय मिले मुझसे
कहीं अनजान बनकर
