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Shilpa Sekhar

Abstract

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Shilpa Sekhar

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किताबों से प्यार

किताबों से प्यार

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आओ बनाए एक सच्चा यार,

चलो करते हैं किताबों से प्यार।


सर्द मौसम है अगर बाहर,

किताब पढ़ो घर में लिपट के चादर।


धूप से अगर आंगन है तपता,

किताबों संग आनन्द लो घर का।


बरसात में जब बाहर ना जा पाओ,

किताबों से घर पे अपना मन‌‌ बेहलाओ।


अद्भुत ज्ञान है इनसे मिलता,

कभी अकेलापन महसूस न होता।


अपने व्याकरण में सुधार है लाना,

तो अलग अलग भाषा के किताब पढ़ना।


ना है इसमें कोई वक्त की सीमा,

जब भी चाहो जी भर कर पढ़ लेना।


किताबें पढ़ कर बनो होशियार,

चलो करें किताबों से प्यार।


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