किसी ज्योति ने जीवन दिया
किसी ज्योति ने जीवन दिया
किसी ज्योति ने मुझको, यूँ जीवन दिया।
गुम अंधेरों में था, मुझको रोशन किया।।
किसी ज्योति ने मुझको -----------------------।
पैदा उस घर हुआ, थी गरीबी जहाँ।
कांटे थे हर कदम, नहीं सुविधा जहाँ।।
जीवन खुशियों से शिक्षा ने,भर तब दिया।
किसी ज्योति ने मुझको ----------------------।
जग की रस्मों - रिवाजों से अंजान था।
ना कोई शौक था, इतना नादान था।।
कुछ सपनों ने मुझको, जगा तब दिया।
किसी ज्योति ने मुझको -------------------।
महके गुलशन मेरा, ऐसा हमदम मिले।
घर हो आबाद मेरा,प्यार खुशियां मिले।।
मुकम्मल मेरे सपनों को, उसने कर दिया।
किसी ज्योति ने मुझको -----------------------।
