कहानी नई
कहानी नई
जिंदगी बन गई हैं कहानी नई
तूने जाना नहीं मैंने मानी नहीं
साथ लेकर चला है बहुत कुछ मगर
कुछ लाया नहीं कुछ ले जाना नहीं
देखो मस्त कैसा ये चलता रहा
वस्तुएँ देखकर के मचलता रहा
आज जीवन की डोर थमी सी लगे
कहानी बन गई हैं रूहानी नई
जिंदगी बन....
मौत है ये एक दिन जरूर आएगी
समझते रहे लेकिन समझे नहीं
ये हर रात है उसकी मानी भई
जिंदगी बन....
न ही साथ भाई नहीं कोई साथी
ये अंतिम पहर ये हैं अंतिम बाती
अंतिम प्रवास है सबकी जानी भई
जिंदगी बन....
'सुओम' सोचता क्या यहाँ हमने पाया
क्या लाया था जो तू यहाँ दे पाया
मोह ममता का जीवन बिसारा नहीं
जिंदगी बन...
