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Diksha DG

Romance

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Diksha DG

Romance

कैसे

कैसे

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यूँ तेरे साये साए के बिना रहा कैसे करे,

यूँ तेरे साये साए के बिना रहा कैसे करे,


तू जो अब नहीं तो दिल को ये बताया कैसे करे,

यूँ तो सब सुन लेते है मेरी बातें, 

पर दिल की बाते बताया कैसे करे,

तेरे जाने का गम नहीं है,


पर तेरी यादें जो आती

सुनाया कैसे करे.

तू तो चला गया,

पर तेरे दिये हुए जख्म को

सहलाया कैसे करे।


तेरे आने की उम्मीद भी नहीं है अब,

पर कमबख्त ये दिल नहीं मानता, 

तू ही बता अब इसे समझाया कैसे करे।


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