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Santosh Kumar Verma

Abstract

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Santosh Kumar Verma

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कैसे होली मनाऊंगी

कैसे होली मनाऊंगी

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कैसे होली मनाऊंगी

तुम बिन सजनाा

सुनी होगी गालियां,रास्ता

सूना पूरा अंगना

कैसे होली मनाऊंगी

तुम बिन सजना

ननद भी होगी 

देवर भी होंगे

पर होगे तुम संग न

कैसे होली मनाऊंगी

तुम बिन सजना

रंग मैं न लगाऊंगी

तुम बिन सजना

होली कैसे मनाऊंगी

तुम बिन सजना

होली तभी मनाऊंगी

साथ होगे जब सजना

रंग तुम्हीं से लगाऊंगी

मेरे सजना

कोरी मैं रह जाऊंगी

मेरे सजना

रंग मैं न लगाऊंगी

मेरे सजना

कैसे होली मनाऊंगी

तुम बिन सजना।



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