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Santosh Kumar Verma

Others

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Santosh Kumar Verma

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प्रताड़ित नारी

प्रताड़ित नारी

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कहते हैं,

नर नारी है समान

पर क्यों होता

नारी का ही अपमान

कहने को दोनों है समान

पर कहीं नहीं मिलता

नारी को सम्मान

जन्म से पहले ही

होने लगती है

प्रताड़ित नारी

फिर भी हर जगह

प्रसन्नता बिखेरती

ही है नारी

पितृसत्तात्मक मिटती

नहीं है हमारी

कैसे ले पाएगी

अपना अधिकार

आज की नारी????



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