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Archana fauzdar

Tragedy

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Archana fauzdar

Tragedy

काला रंग

काला रंग

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नजर से बचातावह काला रंग!

सुबह को विश्राम दिलाता,वह काला रंग !

राधा को लुभाता वह काला रंग !

कान्हा को सजाता वह काला रंग !

धरती को घटाओ से मिलाता काला रंग !


नैनों की शोभा बढ़ातावह काला रंग !

बालों की उम्र छुपाता वह काला रंग !

काली मैया को भाता वह काला रंग!

वस्त्रों में चार चांद लगातावह काला रंग !

इस दुनिया को बसाता वह काला रंग!


अक्सर बदसूरत हो जाता है

वह काला रंग,

जब सजता है, किसी नारी के तन पर

तो वह छीन लेता है 

उसकी खूबसूरती सुंदरता


उसके नारीत्व को समाज में

उसे ऐसी दृष्टि से देखा जाता है 

जैसे उस काले रंग ने

अपनी सारी सुंदरता को नष्ट कर दिया हो!


तब अधूरा रह जाता है

वह काला रंग !


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