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संजय कुमार

Abstract


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संजय कुमार

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जय श्री कृष्णा

जय श्री कृष्णा

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सजा धजा घर द्वार है,फूलों की बौछार है

आजा मेरे मुरली धारी तेरा इंतज़ार है

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


माखन भी तैयार है,भक्तों का भी प्यार है।

आजा मेरे कृष्ण मुरारी तेरा इंतज़ार है।

सजा धजा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,घर द्वारा है।


हरा भरा हर बाग है, झूलों की बाहर है

आजा मोहन झूला झूलने तेरा इंतज़ार है

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


गोपियों की भी चाह है, मिलने की बाहर है

आजा मिलने श्याम बिहारी तेरा इंतज़ार है

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


सखा सुदामा यार है, माता का भी प्यार है

आजा श्याम माखन खाने तेरा इंतजार है

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


नैनों की दरकार है, श्रवण की भी आस है

तेरी बासुरी सुनने को दिल मेरा बेकरार हैं

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


सजा धजा घर द्वारा है मिलने की बाहर है

आजा मेरा नटखट श्याम तेरा इंतजार है

सजा धजा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, घर द्वारा है।


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