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Prateek Sharma "Sangam"

Abstract

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Prateek Sharma "Sangam"

Abstract

जंग ना होने देंगे

जंग ना होने देंगे

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जंग ना होने देंगे 

क्यों नहीं रही हमें

संविधान की लाज 

क्या कर रहें हम यह आज 

संविधान का दम

क्यों घुट रहा है


अत्याचार क्यों बढ़ रहा है

पर आज हम 

मिट जायेंगे संविधान का

भंग ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे 


क्यों हम देखते किसी

नारी की चाल 

नहीं पा रहे अपनी हम

अपनी भावनायें संभाल 

भेद भाव क्यों बढ़ रहा है


जाति भेद का पारा

क्यों चढ़ रहा हैं 

पर आज हम 

घुट घुट कर आज़ाद सोच को

मंद ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे 


क्यों नहीं आ रहे

नये कानून हमें रास 

जब सांसद में जब

बिल हुआ पास 

क्यों सहे भारत माँ पीड़ा 

क्यों बन रही हिंसा एक क्रीड़ा 


पर आज हम 

भीड़ भीड़ के भारत माँ का

तंग ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे।


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உள்நுழை

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