STORYMIRROR

Prateek Sharma "Sangam"

Abstract

3  

Prateek Sharma "Sangam"

Abstract

जंग ना होने देंगे

जंग ना होने देंगे

1 min
234

जंग ना होने देंगे 

क्यों नहीं रही हमें

संविधान की लाज 

क्या कर रहें हम यह आज 

संविधान का दम

क्यों घुट रहा है


अत्याचार क्यों बढ़ रहा है

पर आज हम 

मिट जायेंगे संविधान का

भंग ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे 


क्यों हम देखते किसी

नारी की चाल 

नहीं पा रहे अपनी हम

अपनी भावनायें संभाल 

भेद भाव क्यों बढ़ रहा है


जाति भेद का पारा

क्यों चढ़ रहा हैं 

पर आज हम 

घुट घुट कर आज़ाद सोच को

मंद ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे 


क्यों नहीं आ रहे

नये कानून हमें रास 

जब सांसद में जब

बिल हुआ पास 

क्यों सहे भारत माँ पीड़ा 

क्यों बन रही हिंसा एक क्रीड़ा 


पर आज हम 

भीड़ भीड़ के भारत माँ का

तंग ना होने देंगे 

हम जंग ना होने देंगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract