STORYMIRROR

Prateek Sharma "Sangam"

Others

3  

Prateek Sharma "Sangam"

Others

बेटी

बेटी

1 min
415

कहती है यह पूरी सृष्टि 

बदलो अपनी महिलाओं के प्रति दृष्टि 

पर कैसे बदलेगी यह सोच 

जब अकल में ही आयी है मोच 


जब पूरी दुनिया सोती है 

एक बेटी घुट घुट के रोती है 

झुक गयी धरती झुक गया जमाना 

पर एक बेटी की बात को किसी ने ना मना 


जब घर की शान होता है बेटा तो बेटिया होती मान 

फिर क्यों नहीं मिलता सम्मान 

बस टीवी पर दिखाने से सब नहीं जाता बदल 

दिखाना होगा की बेटियों में है बेटों से ज्यादा बल 


जो समझते बेटिया होती बोझ 

वो एक हत्या करते हर रोज़ 

जब बेटी में बसती हर नन्ही जान 

फिर इस बात से हम क्यों बनते अनजान


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन