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Geeta Dhawanluckwal

Abstract

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Geeta Dhawanluckwal

Abstract

ज़िन्दगी खेल नहीं

ज़िन्दगी खेल नहीं

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कुछ आसान

कुछ कठिन

कभी खुशी

कभी गम


कभी सब लगते अपने

कभी अपने भी पराए

कभी हसीन दुनिया

कभी बेरंगीन


चलते जाओ ज़िन्दगी के संग

सफर है ज़िन्दगी

ज़िन्दगी खेल नहीं।


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