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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Romance

जीवन से भरी दुनिया

जीवन से भरी दुनिया

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तू है तो चांद सितारे हैं जन्नत है रंगीं इशारे हैं

तू है तो गुल गुलशन मनभावन मस्त बहारें हैं

तेरी आंखों के उजालों से जीवन है दुनिया में

वरना बेजान सी है दुनिया बेनूर से नजारे हैं. 




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