STORYMIRROR

Deepika Raj Solanki

Inspirational

2  

Deepika Raj Solanki

Inspirational

जीवन सार

जीवन सार

1 min
110

        

  बात नहीं, बातों के सार को समझो,

  तर्क- वितर्क नहीं, इन के विस्तार को समझो,

  विकृति जो उत्पन्न करें, उसके नुकसान को समझो,

  आलोचना में डूबी बात के, निर्माण को समझो,

  शहद में लिपटी बात के, पराएपन को समझो,

  जीवन समझना है तो.….

  वार्तालाप से बने "गीता सार" को समझो।।

  


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational